● धारा 289 का पूरा टेक्स्ट (Bare Act):-
(मशीनरी के सम्बन्ध में उपेक्षापूर्ण आचरण)
जो कोई किसी मशीनरी से, कोई कार्य ऐसे उतावलेपन या उपेक्षा से करेगा, जिससे मानव जीवन संकटापन्न हो जाए या जिससे किसी अन्य व्यक्ति को उपहति या क्षति कारित होना सम्भाव्य हो, या अपने कब्जे में की या अपनी देख-रेख के अधीन की किसी मशीनरी की ऐसी व्यवस्था करने का, जो ऐसी मशीनरी से मानव जीवन को किसी अधिसम्भाव्य संकट से बचाने के लिए पर्याप्त हो, जानते हुए या उपेक्षापूर्वक लोप करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।
● BNS धारा 289 – मशीनरी के संबंध में लापरवाह आचरण | सम्पूर्ण गाइड :-
धारा 289 BNS भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) की धारा 289 एक ज़रूरी प्रावधान है जो मशीनरी के लापरवाही या गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल के लिए कानूनी ज़िम्मेदारी तय करती है। यह धारा मुख्य रूप से ऐसे कामों के लिए सज़ा देती है जहाँ कोई व्यक्ति मशीनरी का इस्तेमाल इस तरह से करता है जिससे इंसानी ज़िंदगी को खतरा या चोट लगने का जोखिम बढ़ जाता है।
● धारा 289 BNS – क्या है? (Definition) :-
धारा 289 BNS के अनुसार:
“जो कोई भी मशीनरी के साथ ऐसा कार्य करता है जिसे उसने लापरवाही से या अनियंत्रित रूप से उपयोग किया हो, जिससे मानव जीवन को खतरा हो या चोट लगने की संभावना हो, या मशीनरी को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रयत्न न करे, वह दंडनीय होगा।”
सरल शब्दों में, कोई व्यक्ति मशीनरी का ऐसा उपयोग नहीं कर सकता जिससे लोगों की जान को खतरा हो या किसी को चोट पहुंचने की संभावना हो, और अगर ऐसा होता है तो वह इस धारा के तहत सज़ा का पात्र होता है।
● धारा 289 BNS का उद्देश्य :-
इस धारा का मुख्य उद्देश्य है:-
★ उद्योगों, निर्माण स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर मशीनरी से होने वाले जोखिम को नियंत्रित करना।
★ मशीनरी के उपयोग और रखरखाव के दौरान सुरक्षा मानकों को लागू करना।
★ लापरवाही से उत्पन्न होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और जन जीवन की रक्षा करना।
● किस तरह के मामलों में लागू होती है धारा 289 ? :-
📌 1. लापरवाही से मशीनरी का उपयोग-
> जब कोई मशीनरी का उपयोग सावधानी के बिना करे तो यह धारा लागू होती है, उदाहरण के लिए: हेलमेट या सुरक्षा गियर के बिना भारी मशीन चलाना। मशीनरी को सुरक्षा गाइड के बिना चलाना।
📌 2. मशीनरी को सुरक्षित ना रखना
> अगर कोई व्यक्ति मशीनरी को सुरक्षित रूप से बंद या रखता नहीं है और उससे किसी को चोट लगने का खतरा हो, तो यह धारा लागू होगी।
📌 3. रखरखाव की कमी
> मशीनरी को ठीक से मेंटेन न करना या सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज़ करना भी इस धारा का दायरा बनता है।
● धारा 289 – दंड (Punishment) :-
सजा:- 6 मास के लिए कारावास, या 5,000 रुपए का जुर्माना, या दोनों
अपराध:- असंज्ञेय
जमानत:- जमानतीय
विचारणीय:- कोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय
अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए समझौता नहीं किया जा सकता हैं।
👉 यह अपराध जमानतीय (bailable) होता है, यानी आरोपी को जमानत मिल सकती है और यह असंज्ञॆय (non-cognizable) भी माना जाता है।
● धारा 289 BNS क्यों महत्वपूर्ण है ? :-
धारा 289 का मुख्य महत्व यह है कि यह मशीनों के सुरक्षित उपयोग को क़ानूनी रूप से बाध्य बनाती है। इससे न केवल कर्मचारियों को सुरक्षा मिलती है, बल्कि आम जनता के लिए भी मशीनरी से होने वाले जोखिम को कम किया जाता है। यह धारा उद्योगों, फैक्ट्रियों, निर्माण स्थलों और सार्वजनिक जिम्मेदारियों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को बढ़ावा देती है।
● उदाहरण (Examples) :-
✔ उदाहरण 1: फैक्टरी में मशीनरी की लापरवाही
> फ़ैक्ट्री में बिना सेफ़्टी गियर के मशीन चलाना, जिससे किसी कर्मचारी को चोट लग सकती है – इस स्थिति में सेक्शन 289 लागू हो सकता है।
✔ उदाहरण 2: मशीनरी सुरक्षित रूप से नहीं रखना
> अगर किसी भारी मशीन को सुरक्षित तरीके से नहीं रोका जाता है और उससे राहगीरों को चोट लगने का खतरा होता है, तो आरोपी को सेक्शन 289 के तहत सज़ा दी जा सकती है।
● धारा 289 BNS और IPC की तुलना :-
BNS की धारा 289 असल में IPC की धारा 287 का अपडेटेड वर्जन है, जो मशीनरी से जुड़ी लापरवाही को सज़ा के लायक बनाती है, लेकिन BNS ज़्यादा साफ़ और आधुनिक सज़ा और जुर्माने का प्रावधान करती है जो आज के समय के जोखिमों के ज़्यादा मुताबिक हैं।
● निष्कर्ष :-
सेक्शन 289 BNS हमारे नए क्रिमिनल कोड का एक ज़रूरी हिस्सा है जो मशीनरी के इस्तेमाल से जुड़ी ज़िम्मेदारी और सुरक्षा मानकों को कानूनी तौर पर लागू करता है। कंपनियों, फैक्ट्रियों और व्यक्तियों को मशीनरी का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना ज़रूरी है, नहीं तो उन्हें गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।
(IPC) की धारा 287 को (BNS) की धारा 289 में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है
अस्वीकरण: सलाह सहित यह प्रारूप केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है. यह किसी भी तरह से योग्य अधिवक्ता राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने अधिवक्ता से परामर्श करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है

